जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल के आयुष्मान मित्र शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इसके चलते आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के कार्ड नहीं बन पा रहे और इलाज की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पा रही है।
मरीजों की लगातार बढ़ती समस्या को देखते हुए अस्पताल प्रिंसिपल डॉ. दिवाकर हांसदा की अध्यक्षता में आपात बैठक भी बुलाई गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
हड़ताल के पीछे कारण
आयुष्मान मित्रों का आरोप है कि पूरे राज्य में बोनस और दुर्गापूजा से पूर्व वेतन का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन एमजीएम में पिछले एक साल से उनका वेतन रुका हुआ है। इसके अलावा, उन पर अतिरिक्त काम लगाया गया है।
आयुष्मान मित्रों ने बताया कि छह महीने तक उन्हें राशन कार्ड वेरिफिकेशन का काम कराया गया, लेकिन इसके लिए एक रुपये का भुगतान भी नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे।
एमजीएम प्रबंधन ने आयुष्मान मित्रों के आरोपों को आंशिक रूप से खारिज किया। उनका कहना है कि आयुष्मान मित्र सही तरीके से क्लेम नहीं करते, जिसके कारण विभाग से फंड रिलीज नहीं हो पा रहा। कई क्लेम रिजेक्ट हो गए हैं और रिपोर्ट मांगी गई है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला।
हड़ताल के चलते अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन और नए आने वाले रोगी परेशान हैं। यदि स्थिति जल्द नहीं सुलझी, तो आने वाले दिनों में मरीजों की समस्या और गंभीर हो सकती है।
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