नई दिल्ली: सोमवार शाम दिल्ली के दिल—लाल किला—के पास हुए एक धमाके ने पूरी राजधानी को हिला दिया। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर खड़ी एक कार में जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिसकी आवाज चार किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। ऐतिहासिक और हाई-सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले इस क्षेत्र में ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई है और अनगिनत लोग घायल हैं.
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी गाड़ियां जल उठीं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए धमाके को कई लोगों ने भूकंप या गैस पाइपलाइन फटने जैसा समझा और वे घरों-दुकानों से बाहर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में पुरानी दिल्ली, दरियागंज, कनॉट प्लेस, आईटीओ, सिविल लाइंस और जामा मस्जिद जैसे इलाकों में दहशत फैल गई।
धमाके के बाद कुछ समय के लिए आसपास की बिजली गुल हो गई। दुकानदारों ने सुरक्षा के मद्देनज़र शटर गिरा दिए। पुलिस ने एहतियातन लाल किला, दरियागंज और राजघाट तक के रास्ते बंद कर दिए। कनॉट प्लेस, चांदनी चौक और दरियागंज के कई बाजार भी अस्थायी रूप से बंद करा दिए गए। मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 4 को पुलिस ने अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शी चांदनी चौक के व्यापारी रमेश गुप्ता ने बताया, “हम दुकान बंद करने ही वाले थे कि जोरदार धमाका हुआ, पूरा शटर हिल गया। पहले लगा ट्रांसफॉर्मर फटा है, लेकिन कुछ सेकंड में लोगों की चीखें सुनाई देने लगीं।”
विस्फोट की तीव्रता से आसपास की दुकानों और घरों के शीशे टूट गए। लाल मंदिर और मेट्रो स्टेशन के कांच के दरवाजे चटक गए। सुरक्षा एजेंसियों ने हालात का जायजा लेने के लिए लाल किला, दिल्ली गेट, आईटीओ और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर सेवाएं रोक दीं। शाम करीब सात बजे से बीस मिनट तक येलो और वायलेट लाइन पर ट्रेनें धीमी गति से चलीं।
धमाके के तुरंत बाद मोबाइल नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया। लोग अपने घरवालों से संपर्क करने की कोशिश में जुट गए, जिससे कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रही थीं।
दिल्ली पुलिस को एक घंटे में दो सौ से अधिक कॉल्स मिलीं, जिनमें लोग धमाके की आवाज और झटके महसूस होने की जानकारी दे रहे थे।
रात 10 बजे तक दिल्ली के कई हिस्सों में लोग उसी धमाके की चर्चा करते रहे। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपने इलाकों से धमाके की गूंज की पुष्टि करते हुए वीडियो साझा किए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहें न फैलाएं और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि धमाके में आरडीएक्स (RDX) या किसी उच्च क्षमता वाले विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं।
घटना के तुरंत बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को सील कर दिया। बम डिस्पोज़ल स्क्वॉड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मौके से नमूने इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है। एनआईए (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी जांच की कमान संभाल ली है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद यह धमाका कैसे हुआ।
लाल किला परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है। सभी एंट्री पॉइंट्स पर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। ड्रोन के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी रखी जा रही है, जबकि सड़कों पर मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की तैनाती भी कर दी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मंत्रालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि जांच तेज की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
धमाके के बाद दिल्लीवासियों में डर और असमंजस का माहौल है। लोग सोशल मीडिया पर लगातार घटना से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाकों में यह धमाका कैसे हुआ। अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे इस घटना के पीछे की साजिश का खुलासा कब तक करती हैं।


















































