मुरी : माकपा एवं झारखंड राज्य किसान सभा के तत्वावधान में पूर्व विधायक सह किसान नेता कामरेड राजेंद्र सिंह मुंडा की 5वीं स्मृति दिवस का आयोजन बरसालडीह,( सोनाहातु) में किया गया। इस दौरान उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। मौके पर उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए झारखंड राज्य किसान सभा के महासचिव सह माकपा राज्य सचिव मंडल सदस्य सुफल महतो ने राजेंद्र सिंह मुंडा के जीवनी पर विस्तृत रूप में चर्चा करते हुए कहा कि जमींदार घर में पैदा लेकर भी उनका पूरा जीवन किसान एवं मजदूरों के लिए समर्पित था। पांच परगना क्षेत्र में चल रहे किसान आन्दोलन में उन पर 4 बार जानलेवा हमला हुआ, जिसमें द्वारिका महतो, दानी दत्ता, फागु मुंडा, शोशोधर मुंडा, गोपाल मुंडा एवं कांडे मुंडा शहीद हुए। उस दौरान चल रहे आन्दोलन में 98 बेशकिमती साथी शहीद हुए थे। राजेंद्र सिंह ने उच्च न्यायालय एवं सुप्रीम कोर्ट में 10 वर्षों से न्यायिक लड़ाई लड़कर झारखंड में 32 वर्षों से रूके पंचायत चुनाव का दरवाजा खोलने में अहम् भूमिका निभाई। तीन बार सिल्ली विधानसभा से तीन बार विधायक चुने गए। जल, जंगल, जमीन आन्दोलन में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। आज ही के दिन झारखंड के मशहूर मजदूर नेता एसके बक्सी का भी निधन करोना काल में हुआ था। उन्हें भी श्रद्धांजलि दिया गया। किसान विरोधी बिल और बिजली विधेयक, चार लेबर कोड, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, मनरेगा के खात्मे के खिलाफ आम किसानों को संगठित कर आन्दोलन करना जरूरी हो गया है।
स्मृति सभा को संबोधित करते हुए जिला किसान कोंसिल सदस्य प्रेमचंद पातर ने कहा राजेंद्र सिंह मुंडा के किसान एवं मजदूरों के लिए आन्दोलन को कभी भूलाया नहीं जा रहा। किसान नेता हरिहर महतो ने कहा राजेंद्र सिंह मुंडा के रास्ते पर चलकर हर गांवों में किसान आन्दोलन खड़ा करना होगा।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कौंसिल सदस्य उमेश महतो, जिला किसान कोंसिल सदस्य घुरन पातर, हरिश्चंद्र प्रमाणिक,सोनाहातु मुखिया विकास मुंडा, नौजवान सभा के नेता दिनेश महतो, महिला नेत्री यशोदा देवी, अंचल किसान सभा के सचिव बसंत मुंडा, किसान नेता विशेश्वर महतो, राजेंद्र सिंह मुंडा, महरू महतो, जगदीश मुंडा, डोमन मुंडा, मनमोहन प्रमाणिक, सोहनलाल मुंडा, शंकर मुंडा, दिनेश महतो, जगन्नाथ मुंडा, मुची राम मुंडा, जगत मुंडा, विश्वनाथ कुम्हार, मनियां महतो,छोटन मुंडा,मनोज मुंडा,पुशवा मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। राजेंद्र सिंह मुंडा अमर रहे, राजेंद्र सिंह मुंडा के रास्ते बढ़ेगे, लड़ेंगे आदि नारे लग रहे थे।



















































