गुवा: छत्तीसगढ़ खान समूह के कार्यकारी निदेशक कमल भास्कर की हाल ही में हुई पदोन्नति ने विवाद को जन्म दे दिया है। पहले वे सेल गुवा में कार्यरत थे। उनके पूर्व कार्यकलापों और पदोन्नति प्रक्रिया की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
सूत्रों के अनुसार कमल भास्कर ने सेल गुवा और चिड़िया में ऐसे कार्य किए हैं, जिन्हें संवेदनशील और निंदनीय बताया जा रहा है। छत्तीसगढ़ खान समूह में कार्यकारी निदेशक पद पर उनकी ताजपोशी के दौरान करीब 45 लाख रुपए का लेन-देन करने का आरोप भी लगाया गया है।
स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा कि यह राशि स्टील मंत्रालय के सचिव और अन्य उच्च पदाधिकारियों को चिड़िया एवं गुवा के उद्योगपतियों और व्यवसायियों के माध्यम से दी गई।
झामुमो के दर्जनों वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले का विरोध किया है। उन्होंने क्षेत्रीय डीसी, मंत्री दीपक विरुवा और वर्तमान सेल अध्यक्ष अमरेंदु प्रकाश को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। अधिकारियों और नेताओं का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।

















































