Jamshedpur : झारखंड में 11,700 करोड़ के विकास कार्य ठप, सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल – जय प्रकाश पांडेय

  • भुगतान संकट, पंचायतों का आंदोलन और केंद्रीय राशि का हिसाब न देना बना बड़ा मुद्दा
  • केंद्रीय राशि के ऑडिट पर सरकार की चुप्पी से बढ़ी मुश्किलें
  • ऑडिट रिपोर्ट के अभाव में रुकी केंद्रीय योजनाओं की रफ्तार
  • आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

जमशेदपुर : भाजपा किसान मोर्चा झारखंड प्रदेश के नेता और झारखंड राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी संघ के संयोजक जय प्रकाश पांडेय ने राज्य की हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में विकास कार्य लगभग ठप हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, पेयजल विकास विभाग और स्वच्छता विभाग के अंतर्गत लगभग 11,700 करोड़ रुपये के कार्यों का भुगतान अब तक ठेकेदारों को नहीं किया गया है। यह स्थिति राज्य सरकार की बिगड़ती वित्तीय और प्रशासनिक हालत को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव का लंबे समय तक न होना और पंचायतों को विकास कार्यों के लिए राशि नहीं मिलना सरकार की विफलता को दर्शाता है, जिसके कारण पंचायत स्तर पर आंदोलन की स्थिति बन गई है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : शंकरपुर सदगुरु कबीर आश्रम का 38वां स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया

भुगतान नहीं होने से ठेकेदार और पंचायतें आंदोलन को मजबूर

जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार बजट पास तो कर रही है, लेकिन खर्च का सही हिसाब केंद्र सरकार को नहीं दे पा रही है। केंद्र से मिली विकास राशि का ऑडिट रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं करने के कारण अगली किस्तें रुक रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार केंद्र पर आरोप लगाकर केवल शोर मचाती रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक खर्च का लेखा-जोखा नहीं दिया जाएगा, तब तक केंद्र सरकार नई राशि कैसे जारी करेगी। इस स्थिति के कारण झारखंड के कई महत्वपूर्ण विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और आम जनता में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : RVS कॉलेज में वार्षिक खेलकूद “Frolic” कार्यक्रम का आयोजन, विधायक सोमेश चंद्र सोरेन हुए शामिल

आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर अनियमितताओं का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि सामाजिक कल्याण और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों में अव्यवस्था बनी हुई है और स्वास्थ्य क्षेत्र में झोलाछाप इलाज से स्थिति चिंताजनक है। जय प्रकाश पांडेय ने कहा कि झारखंड बनने के बाद से ही आंगनवाड़ी सेविका और सहायिकाओं का शोषण हो रहा है। लगभग 75 हजार महिलाएं दशकों से मानदेय पर काम कर कुपोषण दूर करने में जुटी हैं, लेकिन उन्हें अब तक राज्यकर्मी का दर्जा नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि नई योजनाओं के जरिए केवल वोट साधने का प्रयास हो रहा है। अंत में उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राज्य सरकार से विकास और जनहित के कार्यों का पूरा हिसाब लिया जाए।

Spread the love

Related Posts

Jamshedpur : देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में केन्द्र सरकार के विरुद्ध डीसी ऑफिस पर झामुमो का धरना प्रदर्शन 7 को ।

जमशेदपुर :  झामुमो केन्द्रीय समिति, राँची के निर्देशानुसार झारखण्ड मुक्ति मोर्चा जिला समिति, पूर्वी सिंहभूम की ओर से 7 मई गुरुवार को समय 11:00 बजे से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष…

Spread the love

Jhargram : विधि व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई : डीएम-एसपी 

झाड़ग्राम: विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जिले में उत्पन्न तनाव और कथित हिंसा की घटनाओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। झाड़ग्राम जिला प्रशासन पूरी तरह…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time