जमशेदपुर: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की पीएचडी स्कॉलर डॉ. शबरीन अहमद ने एक विचारोत्तेजक ऑनलाइन चर्चा में पोस्टह्यूमनिज्म के आकर्षक क्षेत्र और डायस्टोपियन फिक्शन के साथ इसके अंतरसंबंधों पर विस्तार से चर्चा की. यह कार्यक्रम जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज में 11 मार्च को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के सहयोग से अंग्रेजी के पीजी विभाग द्वारा कॉलेज के सभागार में आयोजित किया गया.
विचारशील चर्चा और जिज्ञासा का संचार:
यह कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूपों में आयोजित किया गया था. डॉ. शबरीन अहमद ने ऑनलाइन सत्र में “चयनित डायस्टोपियन फिक्शन के संदर्भ में पोस्टह्यूमनिज्म का साहित्यिक अभ्यास” शीर्षक पर विस्तृत रूप से अपनी बातें रखीं. उनके विचारों ने उपस्थित छात्रों में गहरी रुचि और जिज्ञासा उत्पन्न की. चर्चा के दौरान, छात्रों ने डॉ. अहमद से कई विचारशील सवाल पूछे, जिससे कार्यक्रम एक संवादात्मक सत्र में बदल गया.
अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा:
इस सत्र ने करीम सिटी कॉलेज की अकादमिक प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित किया, जो अपने छात्रों में आलोचनात्मक सोच, बौद्धिक जिज्ञासा और अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है. कॉलेज इस प्रकार की चर्चाओं के आयोजन के जरिए विद्यार्थियों को नए विचारों और दृष्टिकोणों के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करता है.यह कार्यक्रम छात्रों को एक प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करता है, जो उन्हें नए दृष्टिकोणों और विचारों की खोज करने के लिए प्रोत्साहित करता है. इससे यह साबित होता है कि करीम सिटी कॉलेज अपने छात्रों को न केवल शैक्षिक ज्ञान, बल्कि बौद्धिक और रचनात्मक सोच के क्षेत्र में भी गहरी समझ देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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