सरायकेला: झारखंड में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक नवजागरण की नई पहल के रूप में झारखंड नव निर्माण क्रांतिकारी मोर्चा का गठन किया गया। इस संगठन में महिलाओं की भागीदारी 90 प्रतिशत होने से इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है।
संगठन का उद्देश्य और दिशा
चांडिल डैम परिसर में आयोजित सभा में संगठन के मुख्य संरक्षक कृष्णा कालिंदी ने कहा कि झारखंड का विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग को समान सम्मान और अवसर मिले। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की उपेक्षित जनता के लिए यह आंदोलन महत्वपूर्ण है। संस्था का उद्देश्य किसी सरकार को गिराना नहीं, बल्कि समाज को उठाना है। कृष्णा कालिंदी ने कहा, “हमारा सपना है: हर घर में रौशनी, हर दिल में सम्मान और हर हाथ में काम। यही असली झारखंड है।”
संगठन के प्रमुख एजेंडे और जनसंकल्प
सभा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि संगठन निम्नलिखित क्षेत्रों में अभियान चलाएगा:
- युवाओं को निःशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण देकर डिजिटल सशक्तिकरण।
- लड़कियों और बच्चों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण।
- पलायन रोकने के लिए स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर।
- न्यूनतम मजदूरी लागू कराना और श्रमिक अधिकारों की रक्षा।
- पंचायत स्तर तक निःशुल्क शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं।
- अवैध खनन पर रोक लगाकर प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा।
- कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना।
- महिला सशक्तिकरण हेतु रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर।
- भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन और सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता।
- विस्थापितों और भूमिहीनों को आवास उपलब्ध कराना।
सभा के अंत में यह निर्णय लिया गया कि संगठन आने वाले महीनों में जनजागरण यात्रा निकालेगा। इस यात्रा के माध्यम से संगठन गांव-गांव जाकर जनता से सीधे संवाद करेगा और उनके मुद्दों को प्रशासन तक पहुंचाएगा।
इस अवसर पर कृष्णा कालिंदी (मुख्य संरक्षक), पाठक (सलाहकार), ईचागढ़ क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता, महिला प्रतिनिधि, ग्रामीण युवा और चांडिल अनुमंडल की विभिन्न पंचायतों के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद थे।
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