पोटका : माताजी आश्रम, हाता की ओर से बांग्ला भाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी को मातृभाषा से जोड़ने के उद्देश्य से राजनगर प्रखंड के चालियामा गांव में 32वीं ‘अपूर पाठशाला’ का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कमल कांति घोष ने धूप-दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
इस अवसर पर सुनील कुमार दे ने कहा कि आश्रम द्वारा गांव-गांव में निःशुल्क पाठशाला खोलकर बांग्ला भाषा को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक पोटका, राजनगर और घाटशिला में 31 पाठशालाएं संचालित हो रही हैं, और 32वीं का खुलना गर्व की बात है।
कमल कांति घोष ने कहा कि मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं होता, इसलिए बच्चों को अपनी भाषा अवश्य सीखनी चाहिए। कार्यक्रम में बच्चों के बीच ‘वर्ण परिचय’ पुस्तक, कॉपी और कलम का वितरण किया गया। करीब 50 बच्चों ने नामांकन कराया, जबकि ग्रामीणों व अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिला।
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