झाड़ग्राम : जंगलमहल स्वराज मोर्चा (जेएसएम) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा की सभी कार्यवाहियों के लाइव प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग की तत्काल शुरुआत की मांग को लेकर विधानसभा के सचिव को ई-मेल के माध्यम से एक आपात अपील भेजी है।
अपने आवेदन में संगठन ने मांग की है कि इस पहल की शुरुआत वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण समारोह से की जाए।
विधानसभा सचिवालय को भेजे गए औपचारिक पत्र में जेएसएम ने कहा कि भारत की संसद और देश के कई अन्य राज्यों की विधानसभाओं में पहले से ही लाइव प्रसारण की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन पश्चिम बंगाल अब भी इससे वंचित है। संगठन का कहना है कि डिजिटल युग में नागरिकों को अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली और विधानसभा की गतिविधियों को सीधे देखने का लोकतांत्रिक अधिकार होना चाहिए। संगठन ने अपने प्रस्ताव के कई महत्वपूर्ण लाभ भी गिनाए। जेएसएम के अनुसार, लाइव प्रसारण से मतदाता अपने जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति और प्रदर्शन पर सीधे नजर रख सकेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही सार्वजनिक निगरानी से विधानसभा में अधिक अनुशासित, नीति आधारित और उच्चस्तरीय बहस को बढ़ावा मिलेगा।
जेएसएम ने यह भी कहा कि विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए शासन और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक माध्यम बन सकता है। इसके अलावा, आधिकारिक लाइव कवरेज से भ्रामक और गलत सूचनाओं पर भी रोक लगेगी, क्योंकि लोगों को सीधे और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध होगी।
संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था विधानसभा के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म, समर्पित टीवी चैनल अथवा सत्यापित सोशल मीडिया माध्यमों के जरिए आसानी से लागू की जा सकती है। जेएसएम ने इसे पारदर्शिता, जनविश्वास और लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
“लोकतंत्र तब और मजबूत होता है जब वह जनता के सामने दिखाई देता है। इससे पहले भी हमने विधानसभा अध्यक्ष का ध्यान इस विषय की ओर लिखित आवेदन के माध्यम से आकर्षित किया था। जनता को यह देखने का अधिकार है कि उनके प्रतिनिधि सदन में उनकी आवाज किस तरह उठाते हैं। लाइव प्रसारण केवल तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे ‘जनता के सदन’ की गरिमा बनी रहती है,” यह कहना है मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो का।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि विधानसभा प्रशासन लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनभागीदारी को मजबूत करने के हित में इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।
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