जमशेदपुर: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान, कोलकाता द्वारा 24 से 26 सितंबर 2025 तक आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत मीठे पानी में आधुनिक तकनीक से मछली पालन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण मत्स्य विभाग, पूर्वी सिंहभूम के सहयोग से जमशेदपुर में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में डॉ. दिलीप कुमार सिंह, मत्स्य वैज्ञानिक, केन्द्रीय मत्स्यिकी शिक्षा संस्थान ने प्रतिभागियों को मिश्रित मछली पालन, मिट्टी और जल की गुणवत्ता, मत्स्य आहार, मत्स्य रोग प्रबंधन, आहार देने की रणनीति, समेकित मत्स्य पालन और तालाब निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। इस प्रशिक्षण का संचालन जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना और सहायक मत्स्य प्रसार पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने किया।
जिले के 30 अनुसूचित जनजाति मत्स्य कृषकों ने सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया और आधुनिक तकनीकों की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन पर 26 सितंबर को प्रतिभागियों को फिश फीड, फिश अंगुलिका और अन्य प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई।
जिला मत्स्य पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से आदिवासी मत्स्य कृषकों की आजीविका में सुधार और जिले में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।


















































