सरायकेला: जिले में आपूर्ति विभाग की योजनाओं को और प्रभावी बनाने को लेकर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्यान्न वितरण से लेकर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई प्रमुख योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल–भात योजना, डाकिया योजना, धान अधिप्राप्ति और भुगतान, चावल दिवस, सोना–सोबरन धोती–साड़ी योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, ई-केवाईसी, डीलर टैगिंग–रीटैगिंग तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य पात्र लाभुकों तक समय पर और बिना परेशानी के लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभुकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। खाद्यान्न की तय मात्रा का वितरण हर हाल में समय पर सुनिश्चित किया जाए।
पीडीएस डीलरों से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ नियमसम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही दिसंबर माह के वितरण कार्य की निगरानी प्रतिदिन करने को कहा गया, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उपायुक्त ने ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के लिए शत-प्रतिशत कार्डधारकों का केवाईसी पूरा कराने का निर्देश दिया। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क या तकनीकी दिक्कतें हैं, वहां विशेष शिविर लगाने को कहा गया। वहीं, जिन लाभुकों द्वारा जानबूझकर सहयोग नहीं किया जा रहा है या अनावश्यक देरी की जा रही है, उनकी स्थलीय जांच कर नियम अनुसार नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में निलंबित डीलरों के मामलों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी जांच प्रतिवेदन शीघ्र जिला मुख्यालय में उपलब्ध कराने और प्रखंड व अनुमंडल स्तर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा गोदामों में खाद्यान्न बोरियों के सुरक्षित और मानक अनुरूप भंडारण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा के साथ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक और संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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