नई दिल्ली: नेपाल में सोमवार को भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen Z युवाओं के बड़े प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई ने हालात बिगाड़ दिए। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में हिंसा भड़क उठी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए। घटना के बाद गृहमंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया।
रमेश लेखक ने प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अपना इस्तीफा सौंपा।
सोशल मीडिया बैन हटा
विरोध-प्रदर्शन की चिंगारी सरकार द्वारा लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध से भड़की थी। हालांकि देर रात हालात बिगड़ने के बाद सरकार ने बैन हटा लिया। इससे पहले प्रधानमंत्री ओली ने इसे हटाने से साफ इनकार किया था।
प्रधानमंत्री का बयान और जांच समिति
ओली ने प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध में असामाजिक तत्व घुस आए, जिसके कारण हिंसा भड़की। सरकारी संपत्ति बचाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने घोषणा की कि घटनाओं की जांच के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जो 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी।
कर्फ्यू और सेना की तैनाती
स्थिति पर काबू पाने के लिए सरकार ने काठमांडू, ललितपुर, पोखरा, बुटवल और ईटहरी में कर्फ्यू लगा दिया। आर्मी को भी तैनात कर दिया गया है, जिसने संसद भवन और आसपास के इलाकों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की सभा, रैली और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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