सरायकेला: चांडिल प्रखंड के पालगम धुनाबुरु में प्रस्तावित स्पंज आयरन प्लांट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश गहराता जा रहा है। पर्यावरण स्वीकृति हेतु आयोजित जनसुनवाई में ग्रामवासियों ने पूरी तरह से भाग नहीं लिया और कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। धुनाबुरु पंचायत के अंतर्गत पालगम मोड़ पर ग्रामीणों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर स्पष्ट किया कि वे अपने गांव में स्पंज आयरन कंपनी खोलने के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि यह उद्योग खेती पर प्रतिकूल असर डालेगा और पूरे क्षेत्र को प्रदूषण की गिरफ्त में ले आएगा।
ग्रामवासियों की चेतावनी – खेती रहेगी नहीं, ज़हर उगाएंगे खेत
ग्रामीणों का तर्क है कि जिस स्थान पर यह उद्योग स्थापित किया जा रहा है, वह पूरी तरह से रिहायशी क्षेत्र है। चारों ओर गांव बसे हुए हैं – पालगम, छतरडीह, धुनाबुरु, सोनालटांड़, रायडीह, बालीडीह, तुलग्राम, बानसा सहित अन्य। लगभग पांच हजार की आबादी इस क्षेत्र में निवास करती है और अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस प्लांट के चलते उपजाऊ ज़मीन बंजर हो जाएगी।
जंगल, स्कूल और नदी – सब आएंगे चपेट में
प्रदूषण को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के आसपास प्राथमिक विद्यालय, जंगल और नदी मौजूद हैं, जिन पर सीधा असर पड़ेगा। इससे आने वाली पीढ़ियां स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों मोर्चों पर प्रभावित होंगी। प्रशासन द्वारा आयोजित जनसुनवाई को लेकर भी ग्रामीणों में असंतोष है। उनका कहना है कि न तो सही ढंग से पूर्व सूचना दी गई और न ही उनकी राय को महत्व दिया गया। डिज़ाइन विद्युत लिमिटेड के पुराने स्थल पर कंपनी खोलने की योजना है, जिसे लेकर पहले से कोई आम सहमति नहीं बनी थी।
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