जमशेदपुर: भारतीय सेना की कैंटीनों में सैनिकों और पूर्व सैनिकों को ग्रोसरी व शराब की वस्तुएं सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रत्येक राज्य में हर वित्तीय वर्ष में लिकर कैंटीन के लिए लाइसेंस और वैट छूट का नवीनीकरण आवश्यक होता है। इस वर्ष भी झारखंड की सैन्य यूनिटों द्वारा 31 मार्च से पूर्व ही एक्साइज विभाग को संबंधित दस्तावेज भेज दिए गए थे।
हालांकि, लाइसेंस का नवीनीकरण तो हो चुका है, लेकिन वैट छूट पत्र पर अब तक हस्ताक्षर नहीं हो पाने के कारण लिकर की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। नतीजतन, राज्य भर की सभी कैंटीनों में लिकर की बिक्री ठप है।
पूर्व सैनिकों की आकस्मिक बैठक, उठी नाराजगी की आवाज़
इसी मुद्दे को लेकर आज पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम की ओर से मानगो गांधीघाट स्थित पार्क में एक आकस्मिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में भारी संख्या में पूर्व सैनिकों ने भाग लिया और अपनी नाराजगी व्यक्त की।
पूर्व सैनिकों ने कहा कि यह प्रक्रिया हर साल होती है और देशभर के अन्य राज्यों में समय पर कैंटीनें चालू हो जाती हैं, फिर झारखंड में यह देरी क्यों? पत्र पर हस्ताक्षर समय से क्यों नहीं हो पाते? ऐसी स्थिति में हर वर्ष सैनिकों को महीनों तक लिकर सुविधा से वंचित रहना पड़ता है, जो उचित नहीं है।
अधिकारियों से शीघ्र पहल की अपील
बैठक में मौजूद सभी पूर्व सैनिकों ने राज्य के एक्साइज विभाग से अपील की कि वैट छूट संबंधी पत्र पर शीघ्र हस्ताक्षर कर राज्य की सभी कैंटीनों में लिकर आपूर्ति पुनः प्रारंभ करवाई जाए। सैनिकों का कहना है कि यह सुविधा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सैन्य मनोबल से भी जुड़ी हुई है।
बैठक में रहे ये पूर्व सैनिक उपस्थित
आज की बैठक में मुख्य रूप से पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह, दिनेश सिंह, अभय सिंह, राजीव रंजन, सतनाम सिंह, अशोक श्रीवास्तव, हरेंदु शर्मा, उपेंद्र प्रसाद सिंह, बृज किशोर सिंह, अनिल झा, नरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, विजय त्रिपाठी और देवेंद्र कुमार शामिल रहे।
















































