एनओसी के वगैर विकास कार्य पर रेलवे ने लगा रखी है रोक
जमशेदपुर : बागबेड़ा में रेलवे की जमीन का अतिक्रमण कर आधा दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी बस्तियां बस चुकी हैं. वहीं खाली पड़ी भूमि पर अभी भी अतिक्रमण का खेल चल रहा है. इसके लिए पंचायत फंड का सहारा लिया जा रहा है. बागबेड़ा कालोनी से सटे कृष्णा पब्लिक स्कूल के बगल में खाली पड़े भूखंड पर कुछ भू-माफियाओं की नजर है. उक्त जमीन हथियाने से पहले अतिक्रमणकारी वहां नाली व सड़क का निर्माण कराना चाह रहे हैं. नाली निर्माण के लिए बकायदा गड्ढे तक खोद डाले गए हैं. इस कार्य का स्थानीय लोगों ने मुखर होकर विरोध किया. लेकिन मुखिया को विश्वास में लेकर जमीन अतिक्रमणकारी नाली-सड़क का निर्माण कार्य कराने पर अड़े हैं. दूसरी ओर वगैर एनओसी के नाली निर्माण के लिए गड्ढा खोदने तथा भूमि का अतिक्रमण किए जाने की शिकायत मिलने के बाद भी रेलवे के जवाबदेह अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं. बताया जाता है कि शिकायत के बाद रेलवे लैंड डिपार्टमेंट के अधिकारी-कर्मचारी ने निर्माणस्थल का निरीक्षण किया. लेकिन निर्माण कार्य रोकने संबंधी कार्रवाई नहीं की. इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया. लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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एनओसी लेने के बाद ही कराया जाएगा निर्माण कार्यः मुखिया

बागबेड़ा कालोनी पंचायत के मुखिया राजकुमार गौंड ने बताया कि स्थानीय लोगों की सहमति के बाद ही नाली का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया. इसके लिए संबंधित वार्ड के लोगों ने सहमति पत्र जमा किया है. उन्होंने बताया कि रेलवे की ओर से रेल भूमि में किसी तरह की संरचना खड़ा करने पर रोक लगायी गई है. नाली एवं सड़क के निर्माण में किसी तरह की रोक नहीं है. वैसे उन्होंने बताया कि बागबेड़ा क्षेत्र की तीन पंचायतें रेलवे की जमीन पर बनी बस्तियों को मिलाकर बनाया गया है. उन पंचायतों की ओर से वहां निरंतर विकास कार्य कराए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में बीडीओ को पत्र भेजकर जानकारी दे दी गई है. साथ ही बीडीओ से रेलवे से एनओसी लेने का आग्रह किया गया है. ज्ञात हो कि 100 फीट लंबी नाली का निर्माण 3 लाख की लागत से कराया जाना है.
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