सरायकेला: समाहरणालय सभा कक्ष में उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और बच्चों तक योजनाओं का समय पर लाभ पहुँचाना था।
बैठक में उपायुक्त ने नामांकन और उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पहचान कर पुनः नामांकन, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) मिशन की प्रगति, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और समयबद्ध अध्यापन कार्य पर विशेष बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसरों की स्वच्छता, मध्याह्न भोजन योजना का सुचारु क्रियान्वयन और पठन-पाठन सामग्री की समय पर उपलब्धता पर भी निर्देश दिए।
योजनाओं की समीक्षा
बैठक में निम्नलिखित मुद्दों पर विशेष चर्चा की गई:
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण
स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए पंजीकरण
कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना
कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को यूनिफॉर्म, किताब-कॉपी और स्कूल बैग वितरण
बच्चों के बैंक खाते खुलवाने की स्थिति
भवनहीन विद्यालय, शौचालय, बिजली और पेयजल सुविधा की उपलब्धता
ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति
आवासीय विद्यालयों में नामांकन की स्थिति
उपायुक्त के निर्देश
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
स्वच्छ विद्यालय अभियान को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक स्कूलों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति और यूनिफॉर्म की राशि समयसीमा में वितरित की जाए।
भवनहीन विद्यालयों, शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्याओं की सर्वे रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, आधार और बैंक खाता खुलवाने हेतु कार्ययोजना बनाकर सख्ती से अमल किया जाए।
सभी छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने के आवेदन यथाशीघ्र विभाग को समर्पित किए जाएँ।
उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और बच्चों तक योजनाओं का समय पर लाभ पहुँचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रखंड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग कर शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने का निर्देश भी दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO), प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO), संकुल संसाधन व्यक्ति (CRP) और प्रखंड संसाधन व्यक्ति (BRP) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


















































