जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में पीएम–सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मॉडल सोलर विलेज निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पूर्व में निर्धारित दिशा-निर्देशों के पालन और योजना के क्रियान्वयन की चर्चा हुई। सभी संबंधित बीडीओ से चयनित गांवों में वर्तमान सौर ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई।
जिले के सात प्रखंडों में 10 गांवों को मॉडल सोलर विलेज निर्माण के लिए चुना गया है। इन गांवों में मुसाबनी प्रखंड के पारूलिया और धोबनी, धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला का बड़ाजुड़ी, पोटका के हाड़तोपा और कालिकापुर, बहरागोड़ा का मानुषमुड़िया, पटमदा के बड़ा बांगुड़दा और बिडरा तथा बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल हैं।
दिसंबर 2025 से मई 2026 तक छह माह का ‘challenge period’ निर्धारित किया गया है। इस दौरान पीएम–कुसुम और अन्य सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। छह माह के अंत में अधिकतम Renewable Energy अधिष्ठापन करने वाले गांव को ‘मॉडल सोलर विलेज’ घोषित किया जाएगा और विजेता गांव को 1 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
उपायुक्त ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि चयनित गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की विस्तृत जानकारी दें। इसमें सौर योजनाओं की पात्रता, सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से बताई जाए। सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल, सोलर आधारित सिंचाई, स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट जैसे प्रोजेक्टों के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना बनाई जाए।
उपायुक्त ने कहा कि गांवों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए ताकि ग्रामीण अधिक से अधिक सौर ऊर्जा अपनाएं और ‘ग्रीन विलेज, क्लीन विलेज’ की दिशा में कदम बढ़ाएं। सभी विभागों को आपस में समन्वय स्थापित कर योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।