जमशेदपुर : झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा हाल ही में शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की गणना को सर्किल रेट से जोड़ने के निर्णय के बाद आम नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। इस संबंध में सर्वधर्म सद्भावना समिति, जमशेदपुर द्वारा मंत्री सुदिव्य कुमार को एक पत्र सौंपकर इस नीति पर पुनर्विचार की मांग की गई। पत्र में कहा गया है कि नगर निकायों के विकास के लिए राजस्व आवश्यक है, लेकिन सर्किल रेट आधारित टैक्स वृद्धि कई क्षेत्रों में अव्यावहारिक प्रतीत हो रही है। विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों पर इसका भारी असर पड़ा है। कुछ इलाकों में सड़क चौड़ाई और सर्किल रेट के संयोजन के कारण होल्डिंग टैक्स की राशि दोगुनी से भी अधिक हो गई है। समिति ने मांग की है कि सर्किल रेट और टैक्स प्रतिशत के बीच एक उचित सीमा (कैप) निर्धारित की जाए, स्वयं के आवास में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों एवं निम्न आय वर्ग को राहत दी जाए तथा व्यावसायिक संपत्तियों के लिए मल्टीप्लायर को तार्किक बनाया जाए। इस बीच समिति के प्रतिनिधियों के अनुसार मंत्री सुदिव्य कुमार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया है कि सर्किल रेट के आधार पर होल्डिंग टैक्स गणना की समीक्षा की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने पूरे मामले को समझ लिया है और आम जनता पर बढ़ रहे भार को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर ज्योति मिश्रा, संतोष सिन्हा, समरेश ठाकुर, विजय पांडे, नवनीत मिश्रा, नीरज श्रीवास्तव, राजेश चौधरी, सुनील प्रसाद और लल्लन चौधरी उपस्थित रहे।
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