जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को मानगो पेयजल परियजोना के अंतर्गत निर्मित बालीगुमा पानी टंकी का निरीक्षण किया। यह टंकी बीते 7 वर्षों से बन कर तैयार है लेकिन उसमें पेयजल कनेक्शन नहीं हुआ है। लोगों की शिकायत थी कि मानगो नगर निगम पानी का कनेक्शन नहीं कर रहा है। इस संबंध में श्री राय ने निरीक्षण किया और पानी का कनेक्शन वहां कैसे आ सकता है, इस बारे में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से फोन पर बात की।
सरयू राय ने बताया कि जिस समय पानी टंकी बनी, उस समय ही यह प्रावधान कर लिया गया था कि कैसे टंकी तक पाइपलाइन पहुंचेगा। पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन बिछ गया है, मगर टंकी में पानी कैसे जाएगा, यह तय नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम का दोबारा विधायक बनने के बाद से इस बारे में वह जानकारी प्राप्त करते रहे। उन्हें मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि एनएच से पाइपलाइन पास करने के संबंध में अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिला है, इसलिए विलंब हो रहा है। इस संबंध में श्री राय ने जानकारी ली तो पता चला कि एनएचएआई के लोग अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के लिए बिल्कुल तैयार थे मगर पेयजल एवं स्च्छता विभाग (जो इस परियोजना का कार्यकारी एजेंसी है) से ही झमेला था। उनका कहना था कि एनएचएआई से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने में 10 लाख रुपये खर्च होंगे। ये पैसा देगा कौन? विभाग या ठेकेदार? विभाग ठेकेदार से कह रहा था। ठेकेदार ने विभाग से कहा कि वो क्यों देंगे? योजना आपकी है। आप पैसे दें। यह झंझट 3 साल से चल रहा था।
श्री राय ने कहा कि उन्होंने विधायक बनते ही 6 माह के भीतर अनापत्ति प्रमाण पत्र दिलवा दिया। जब एनओसी मिल गया, तब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग बहाना कर रहा है कि एनएच 33 पर जो उपरी पुल बन रहा है, उस कारण से एलाइनमेंट में दिक्कत हो रही है।
सरयू राय ने कहा कि उन्होंने दो माह पहले एनएचएआई की तरफ से काम करने वाले ठेकेदार से बात की थी। उक्त ठेकेदार ने कहा कि उनकी तरफ से कोई दिक्कत नहीं है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को एनएचएआई के ठेकेदार ने बता दिया था कि पाइपलाइन कैसे-कैसे ले जाइएगा।
श्री राय ने कहा कि अब केवल डिमना चौक से डिमना नाला तक और डिमना नाला से सुखना बस्ती तक पाइप बिछाना है। इस काम में फिर ढिलाई हो रही है। श्री राय ने उस स्थल से ही कार्यपालक अभियंता से बात की। कार्यपालक अभियंता का कहना था कि एनएचएआई वाले कह रहे हैं कि पहले हमारा काम हो जाए, उसके बाद आप अपना काम करें। उधर, एनएचएआई ने श्री राय से कहा कि उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। आज भी एनएचएआई के ठेकेदार ने कहा कि उन्होंने पीएचईडी को कह दिया है कि सड़क के किनारे जो यूटिलिटी सेक्टर बना हुआ है, वहां से आप पाइपलाइन ले जा सकते हैं। थोड़ा आपको तिरछा करना पड़ेगा। 300 मीटर तक आपको मैनुअल काम करना पड़ेगा, क्योंकि वहां मशीन से काम संभव नहीं है।
सरयू राय ने कहा कि वह गुरुवार की सुबह साढ़े 9 बजे उक्त स्थल पर जाएंगे। वहां एनएचएआई के ठेकेदार और उनके लोग रहेंगे। पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता को भी वहां बुलाया जाएगा। उन्हें कल निर्देशित करूंगा कि पाइपलाइन कैसे-कैसे जाएगा। अगर इसी तरीके से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के इंजीनियर लोगों को गुमराह करते रहेंगे और सुबह तक अपना रास्ता नहीं बदलेंगे तो वह मंत्री और सचिव दोनों से कहेंगे कि आपका इंजीनियर काम नहीं होने दे रहा है।
















































