
बेंगलुरु: आईपीएल 2025 की ट्रॉफी जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत का जश्न बुधवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भयंकर भगदड़ में बदल गया. इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है. दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है.
हजारों प्रशंसक आरसीबी की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने स्टेडियम के बाहर एकत्र हुए थे. लेकिन भीड़ धीरे-धीरे बेकाबू होती गई. कई लोग स्टेडियम की दीवारों और बाड़ों पर चढ़ गए, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई. इस अराजकता में लोग कुचले गए और भगदड़ मच गई.
नेताओं की प्रतिक्रियाएं: त्रासदी पर चिंता और आक्रोश
बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने घटना पर कहा, “कर्नाटक सरकार ने रोड शो रोक दिया था ताकि भगदड़ से बचा जा सके, लेकिन किसी ने अनुमान नहीं लगाया था कि स्टेडियम के बाहर ऐसा कुछ हो सकता है. इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. सभी को मिलकर डैमेज कंट्रोल करना चाहिए.”
विधान परिषद सदस्य बी.के. हरिप्रसाद ने इसे बेहद चौंकाने वाला और खेदजनक बताया. उन्होंने सरकार से घायलों को तुरंत बेहतर उपचार देने की मांग की और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की.
बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा, “यह वाकई त्रासदी है. यह घटना भीड़ प्रबंधन और योजना की कमी को दर्शाती है. राज्य सरकार अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में असफल रही है.”
सरकार की प्रतिक्रिया और जांच
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर खेद जताया और कहा, “मैं कर्नाटक से माफी मांगता हूं. भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया था.” उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले की जांच की जा रही है और घायलों का उपचार प्राथमिकता पर है.
यह घटना एक बार फिर देश में बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की खामियों को उजागर करती है. सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाओं से सरकारें सबक लेंगी या जश्न बार-बार मातम में बदलता रहेगा?
इसे भी पढ़ें : IPL Winner 2025: 18 साल बाद RCB को ट्रॉफी, विराट बोले – अनुष्का का है सबसे बड़ा योगदान
There is no ads to display, Please add some



















































