Chandil : इको टूरिज्म की संभावना तलाशने चांडिल डैम पहुंचे पर्यटन मंत्री, जल्द शुरू होगी कवायद

डैम की बंदोबस्ती व संचालन की जानकारी से किया इनकार, स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश
चांडिल : झारखंड के पर्यटन सह नगर विकास विभाग के मंत्री सुदीप्त कुमार सोनु चांडिल डैम के आसपास इको टूरिज्म की संभावना तलाशने रविवार को चांडिल डैम पहुंचे. चांडिल डैम के अलावा उन्होंने आसपास स्थित डीमुडीह, बोराबिंदा व अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा इको टूरिज्म की संभावनाओं को तलाशा. मंत्री ने कहा कि चांडिल डैम और इसके आसपास के क्षेत्र को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए कवायद जल्द ही शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि ।पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चांडिल डैम का विकास भी किया जाएगा. पर्यटन समेत विकास की संभावनाओं को भी मुर्त रूप देने के लिए उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.
पर्यटक सुविधाओं में होगी बढ़ोतरी
जायजा लेते पर्यटन मंत्री व अन्य

पर्यटन एवं नगर विकास मंत्री सुदीप्त कुमार सोनु ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चांडिल डैम झारखंड के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है. चांडिल डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित की जाएगी. जिसका मुख्य उद्देश्य चांडिल डैम में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ सैलानियों को आकर्षित करना है. मंत्री ने कहा कि चांडिल डैम में आनेवाले पर्यटकों के लिए क्या-क्या सुविधाएं चाहिए, इसको लेकर चांडिल डैम के विभिन्न समितियों से सुझाव मांगा गया है. उन्होंने बताया कि चांडिल डैम में दो प्रोजेक्ट के लिए जल्द ही काम चालु होगा. इनमें पहला डैम के नीचे स्थित रिसोर्ट को और दूसरा डीमुडीह व बोराबिंदा में डैम के अंदर स्थित टापू को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करना है. मंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए डैम के आसपास ही विशेष इंतजाम किए जाएंगे. इनमें लग्जरी एयर कंडीशन टेंट, कॉटेज, रेस्टोरेंट आदि की व्यवस्था की जाएगी.

चांडिल डैम से होने वाली आमदनी का हिसाब किताब नहीं
चांडिल डैम पहुंचने वाले सैलानियों के लिए पर्यटन विभाग की ओर से कोई खास इंतजाम नहीं किया गया है. दूर-दराज से पहुंचने वाले सैलानियों के लिए पर्यटन विभाग की ओर से यहां ना बैठने का इंतजाम किया गया है और ना खाने का. यहां पर्यटकों को पानी भी खरीदकर पीना पड़ता है. सरकार की ओर से नौका विहार क्षेत्र में ना लाइट की व्यवस्था की गई है और ना डैम से जुड़ी जानकारी ही उन्हें मिल पाती है. डैम में सैलानियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ता है. चांडिल डैम के बंदोबस्ती के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं है. ऐसे मामलों को स्थानीय प्रशासन ही देखा करती है. डैम में नौका विहार कैसे होता है और कौन करता है. नौका विहार से होने वाली आमदनी कहां जाती है, प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं है.
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