पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बुधवार को ऐलान किया कि वे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में खुद उम्मीदवार नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह फैसला पार्टी के “बड़े हित” के लिए लिया गया है। किशोर ने कहा, “अगर मैं चुनाव लड़ता, तो संगठनात्मक कामों पर ध्यान नहीं दे पाता। इसलिए पार्टी ने रघोपुर सीट पर मेरा उम्मीदवार घोषित किया है, जो तेजस्वी यादव के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेगा।”
जीत की शर्त: 150 सीटें
48 वर्षीय राजनीतिक रणनीतिकार ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए 150 से कम सीटें जीतना हार के बराबर होगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम या तो शानदार जीत हासिल करेंगे या पूरी तरह हार जाएंगे। 10 से कम या 150 से ज्यादा सीटें हासिल करना ही संभव है, बीच का कोई विकल्प नहीं है।” प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि अगर पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो बिहार को देश के शीर्ष 10 विकसित राज्यों में शामिल करने का मैनडेट मिलेगा। “अगर प्रदर्शन कमजोर रहा, तो इसका मतलब है कि जनता ने हम पर पर्याप्त भरोसा नहीं दिखाया। हमें अपनी समाज और सड़क की राजनीति जारी रखनी होगी।”
बिहार विधानसभा चुनाव की रूपरेखा
बिहार चुनाव दो चरणों में होंगे – 6 और 11 नवंबर को। पहले चरण में 121 सीटों और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला NDA (BJP नेतृत्व) और INDIA ब्लॉक (RJD नेतृत्व, तेजस्वी यादव) के बीच होगा।
BJP की पहली उम्मीदवार लिस्ट जारी
भाजपा ने 14 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव की पहली लिस्ट जारी की। इसमें 71 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। NDA के घटक दलों के साथ सीट शेयरिंग के तहत भाजपा 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पहली लिस्ट में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर और विजय कुमार सिन्हा को लखीसराय से उम्मीदवार बनाया गया है।
चुनावी माहौल और रणनीति
प्रशांत किशोर का कहना है कि यदि जनता जन सुराज पार्टी को मजबूत बहुमत देती है, तो इसका प्रभाव केवल बिहार तक नहीं रहेगा बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी बदल जाएगी।
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