सासाराम: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में बने मतगणना स्थल पर बुधवार देर रात अचानक अफरा-तफरी मच गई। एक ट्रक अचानक स्ट्रांग रूम परिसर के अंदर घुस गया, जिसे देखकर वहां मौजूद प्रत्याशियों के समर्थक आक्रोशित हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर के लिए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को भी स्थिति संभालने में कठिनाई हुई। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है।
डीएम और एसपी ने संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम परिसर की जांच की और ट्रक की तलाशी ली। ट्रक में खाली बक्से पाए गए। डीएम ने बताया कि पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि “लाठीचार्ज की खबरें निराधार हैं, स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है।”
अफवाहों से बढ़ा तनाव, रातभर जमे रहे प्रत्याशी
घटना के बाद अफवाह फैल गई कि स्ट्रांग रूम में ईवीएम बदलने की कोशिश की गई है। इस खबर से सातों विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशी और उनके समर्थक देर रात मतगणना स्थल पहुंच गए। कई प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ रातभर गेट के बाहर डटे रहे और निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। प्रशासन को पूरी रात स्थिति पर नजर रखनी पड़ी।
प्रत्याशियों ने जताई नाराजगी, सौंपी शिकायतें
कांग्रेस प्रत्याशी संतोष मिश्रा (करगहर विधानसभा) ने चुनाव पर्यवेक्षक को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।
वहीं निर्दलीय प्रत्याशी ज्योति सिंह (काराकाट) ने आरोप लगाया कि उनके शांतिपूर्ण समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि “ट्रक के प्रवेश की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जानी चाहिए।”
आरजेडी प्रत्याशी सतेंद्र शाह ने भी विशेष जांच की मांग की है।
प्रशासन की अपील — स्ट्रांग रूम सुरक्षित है
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने कहा कि स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में है। मतगणना की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएगी।
इस बीच, चेनारी विधानसभा के आरओ सह एडीएम से भी इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।