Jhargram : झाड़ग्राम की रैली में ममता बनर्जी ने खेला आदिवासी कार्ड, सरना धर्म को आधिकारिक मान्यता देने की कही बात, भाजपा पर जमकर बरसीं

झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तेज होते चुनावी माहौल के बीच झाड़ग्राम शहर के सर्कस मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने आदिवासी पहचान, धर्म और अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कई अहम घोषणाएं कीं।

सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया कि यदि तृणमूल कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में आती है, तो ‘सारी-सरना’ धर्म को आधिकारिक मान्यता देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान और आस्था है, जिसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कानून आदिवासी समाज की पारंपरिक विवाह प्रणाली, रीति-रिवाज और सामाजिक संरचना को प्रभावित कर सकता है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह केवल कानूनी बदलाव नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व और पहचान से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है।

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे को उठाते हुए बिना नाम लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोकना पूरी तरह केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है, राज्य सरकार की नहीं। उन्होंने सवाल किया कि जब सीमा की सुरक्षा केंद्र के अधीन है, तो इसके लिए राज्य को दोषी क्यों ठहराया जाता है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “जहरीले सांपों पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय पार्टी बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता के हितों के खिलाफ काम करती है। उन्होंने लोगों से ऐसे “भ्रम और प्रलोभन” से सतर्क रहने की अपील की।

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माला पहनाने को लेकर हुए पुराने विवाद का जिक्र करते हुए भाजपा पर महापुरुषों के अपमान का आरोप लगाया। इन मुद्दों के जरिए उन्होंने आदिवासी समुदाय की भावनाओं को जोड़ने का प्रयास किया।

सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने झाड़ग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम विधानसभा क्षेत्रों के तृणमूल उम्मीदवार मंगल सोरेन, बीरबाहा हांसदा, अजीत महतो और दुलाल मुर्मू, का मंच से परिचय कराया।

उन्होंने क्षेत्र के मतदाताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में भारी संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। ममता बनर्जी ने साफ संकेत दिया कि इस बार चुनाव का केंद्र आदिवासी पहचान, धर्म और अधिकार होंगे। उनके आक्रामक तेवर और बड़े वादों ने समर्थकों में उत्साह भर दिया है, वहीं राज्य की राजनीति को और अधिक गर्म कर दिया है।

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