देवघर: देवघर एम्स में आगामी 11 जून को प्रस्तावित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे को लेकर झारखंड सरकार और एम्स प्रबंधन के बीच उपजा विवाद अब शांत होता दिख रहा है. रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दावा किया था कि एम्स डायरेक्टर भारतीय जनता पार्टी के दबाव में कार्य कर रहे हैं और राष्ट्रपति के कार्यक्रम की सूचना राज्य सरकार को नहीं दी गई. वहीं सोमवार को उन्होंने सुर बदलते हुए कहा कि डायरेक्टर से हुई ‘मिसअंडरस्टैंडिंग’ अब सुलझा ली गई है.
बाबानगरी तैयार, राष्ट्रपति के स्वागत की जोर-शोर से तैयारी
मंत्री ने कहा कि देवघर की धरती पर राष्ट्रपति का आगमन राज्य के लिए गौरव का विषय है. एम्स के दीक्षांत समारोह में उनकी उपस्थिति ऐतिहासिक होगी. कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां तेज़ हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एम्स झारखंड में है, इसलिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को भी हर सूचना समय पर मिलनी चाहिए, ताकि महामहिम का स्वागत सम्मानजनक ढंग से हो सके.
डायरेक्टर से हुई बातचीत, ग़लतफ़हमियां दूर
डॉ. अंसारी ने कहा कि एम्स के डायरेक्टर से व्यापक चर्चा हुई है. उन्हें बताया गया है कि एम्स झारखंड का संस्थान है, और इसकी गतिविधियों में राज्य सरकार की भागीदारी स्वाभाविक है. उन्होंने सुझाव भी मांगे कि देवघर एम्स को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है. राज्य सरकार हर उचित सुझाव पर अमल करेगी.
“पर्दा हटेगा तो राज़ खुलेगा…”
पत्रकारों ने जब यह सवाल उठाया कि आखिर डायरेक्टर किसके दबाव में काम कर रहे हैं, तो मंत्री ने रहस्यमयी अंदाज़ में कहा – “कुछ बातें पर्दे में ही अच्छी लगती हैं… पर्दा जो हट गया तो राज खुल जाएगा.” उन्होंने दोहराया कि कोई भी संस्थान किसी राजनीतिक दबाव में कार्य न करे. यदि किसी सहायता की आवश्यकता हो तो राज्य सरकार तत्पर है, पर दबाव में काम करने की संस्कृति को प्रोत्साहन नहीं मिलेगा.
कांग्रेस की देन है देवघर एम्स
मंत्री ने भावनात्मक लहज़े में कहा कि देवघर एम्स की कल्पना कांग्रेस की देन है. उनके पिता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने इसकी नींव रखी थी. उन्होंने कहा कि सत्ता बदलने पर फीता किसी और ने काटा, लेकिन जनहित में शुरू हुई इस परियोजना की आत्मा अब भी कांग्रेस के मूल विचारों में निहित है.
सांसद निशिकांत दुबे को बुलाया जाए या नहीं?
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी पूछा गया कि क्या स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे को राष्ट्रपति कार्यक्रम में बुलाया जाएगा. इस पर मंत्री ने कहा कि यह निर्णय एम्स प्रबंधन लेगा, लेकिन अगर वे रहते हैं तो स्वागतयोग्य होगा. अंततः कार्यक्रम झारखंड की गरिमा और अस्पताल की प्रतिष्ठा का सवाल है.
मौजूद थे कई कांग्रेस नेता
प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख, जिला बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डॉ. मुन्नम संजय, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रो. उदय प्रकाश, प्रदेश नेता अवधेश प्रजापति, वरिष्ठ नेता फैयाज कैसर, जिला महासचिव दिनेश मंडल और युवा नेता सिराज अंसारी सहित कई पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे.
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