जमशेदपुर: जमशेदपुर में समाजवादी चिंतक और वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने टाटानगर रेलवे स्टेशन पर 16 किशोरियों और 3 किशोरों के धर्मांतरण के कथित आरोपों के बीच रोके जाने और वहां उत्पन्न हुई उत्तेजना एवं बवाल के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग जिला पुलिस और रेल पुलिस प्रशासन से की है।
सुधीर कुमार पप्पू ने झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा मामले को संज्ञान में लेने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि चूंकि यह अल्पवयस्क बच्चों का मामला है, इसलिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और अनुसूचित जनजाति आयोग को भी मामले की जांच अपने स्तर से करनी चाहिए।
पप्पू ने कहा कि समेकित जन विकास केंद्र, सुंदरनगर, जो 1970 से कल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रम चला रहा है, पर धर्मांतरण का आरोप बिना तथ्य के लगाया गया है, जो समाज में शर्मनाक है।
उन्होंने इस प्रकरण में दक्षिण बिहार ट्रेन के टीटीई की संदिग्ध भूमिका की जांच की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि टीटीई ने उपद्रवियों को भ्रामक जानकारी दी, जबकि किशोर किशोरियों को शांत और सुरक्षित माहौल में रखा जाना चाहिए था।
सुधीर कुमार पप्पू ने यह भी कहा कि घटना को फेसबुक और न्यूज में वायरल करके कुछ लोग हीरो बनने की कोशिश कर रहे हैं, जो जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में अन्य लोग भी सबक सीखें।

















































