- डिजिटल लेनदेन बना पुलिस के लिए अहम सुराग, मास्टरमाइंड सहित सभी आरोपी गिरफ्तार
झाड़ग्राम : झाड़ग्राम जिले में हुई 2.75 लाख रुपये की बड़ी लूट की गुत्थी पुलिस ने महज सात दिनों में सुलझा ली। यह घटना 6 जनवरी को हुई थी जब सुब्रत सिंह जांबोनी से चुटिया इलाके की ओर ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) के लिए रुपये लेकर जा रहे थे। घोंघा जंगल मार्ग पर झारखंड से आए तीन बदमाशों ने अपाची मोटरसाइकिल से उनका रास्ता रोका, बंदूक के कुंदे से सिर पर वार किया और रुपये लूटकर फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि जांबोनी थाना क्षेत्र के मुराकाटी निवासी शंभू पाल ने आरोपियों को जंगल के रास्ते चांदरी होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 6 तक पहुंचने में मदद की, जहां से वे झारखंड भाग निकले।
इसे भी पढ़ें : Ranchi : नगड़ी में कृषि मेला और संगोष्ठी, किसानों को नई तकनीकी खेती और निर्यात के लिए किया गया प्रेरित
लूट के बाद आरोपी झारखंड के बरशोल थाना क्षेत्र में एक ढाबे पर रुके। वहीं उन्होंने पहली बार अपने मोबाइल फोन चालू किए और भोजन का भुगतान फोनपे के जरिए किया। यही डिजिटल लेनदेन पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि इस वारदात का मास्टरमाइंड सुभाजित सरकार है, जो विज्ञान स्नातक और बैंक लोन एजेंट है। शंभू पाल ने कथित तौर पर पीड़ित की पहचान कराई थी। वहीं झारखंड के जादूगोड़ा और बरमामाइंस इलाके के सुनील कैबर्त्य, मोहन किस्कू और रोहित कुमार शर्मा लूट की वारदात में सीधे तौर पर शामिल थे।
इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : झारखंड इमेजिंग एक्सपो कमेटी का गठन, हजारीबाग के बिरजू अध्यक्ष व जमशेदपुर के रुपेश बने सचिव
पुलिस ने झारखंड की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब 30 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके बाद रविवार देर रात झाड़ग्राम, जांबोनी और झारखंड में एक साथ छापेमारी कर सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूरे अभियान की निगरानी झाड़ग्राम के एसडीपीओ शमीम बिस्वास और जांबोनी थाना प्रभारी ने की। गिरफ्तार आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने हथियारों की बरामदगी समेत पूरे मामले की विस्तृत जानकारी के लिए सात दिनों का रिमांड मांगा है।