देवघर: देवनगरी में वट सावित्री का त्योहार पारंपरिक तरीके से मनाया गया। इस बार त्योहार को लेकर सुहागिनों में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। सोमवार को सुहागिनों ने दोपहर 12 बजे के बाद वट वृक्ष की पूजा की। जबकि कई महिलाएं मंगलवार को सुबह 7 बजे से पहले वट सावित्री त्योहार मनाएगी। सोलह श्रृंगार कर महिलाएं पूजन सामग्री के साथ वट वृक्ष पहुंची और वहां विधि-विधान पूर्वक पूजा की। इसके बाद सत्यावान और सावित्री की कथा भी सुनीं।
बैद्यनाथ मंदिर में महिलाएं की काफी भीड़ रही
उधर, वट सावित्री को लेकर बैद्यनाथ मंदिर में महिलाएं की काफी भीड़ रही। देवघर जिले के करौं ग्राम में वट सावित्री का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। स्थानीय राय टोला, रजवार टोला, कुम्हार टोला और बढ़ई टोला में पंडित मंटू ओझा, बापी ओझा ने सुहागिनों को विधि-विधान पूर्वक पूजा करवाया। इस अवसर पर करौं प्रखंड के केन्दवेरिया, रानीडीह, डिण्डाकोली, सिरिया, कमलकर, चांदचौरा, पंचगड़िया, सालतर और गोविन्दपुर आदि गांवों में महिलाएं उपवास में रहकर वट वृक्ष की पूजा की। वटवृक्ष के चारों ओर परिक्रमा करते महिलाओं ने वृक्ष में सूत बांधा और पंखे से हवा की। इसके साथ ही अपने पति के दीर्घायु होने की कामना की।
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